JAC Delhi काउंसलिंग: आसान और पूरी गाइड
JAC Delhi (Joint Admission Counselling) दिल्ली सरकार के बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों (जैसे DTU, NSUT) में B.Tech और B.Arch में एडमिशन की ऑनलाइन प्रक्रिया है। अलग-अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती, सिर्फ एक फॉर्म से इन सभी कॉलेजों की काउंसलिंग एक साथ होती है। दाखिला पूरी तरह आपकी JEE Main की ऑल इंडिया रैंक (AIR) के आधार पर होता है—यानी जिसकी जितनी बेहतर रैंक, उसे उतना अच्छा कॉलेज और ब्रांच।
JAC Delhi 2025: टॉप 5 ब्रांचेज़ का राउंड 5 (फाइनल) कटऑफ
नीचे General कैटेगरी के राउंड 5 के आखिरी क्लोजिंग रैंक (JEE Main CRL) हैं, यानी वे ब्रांचेज़ जिनमें दिल्ली रीजन में सीट मिलना सबसे मुश्किल रहा। बाकी सभी ब्रांचेज़, कैटेगरी और राउंड 1-4 का पूरा डेटा ऊपर वाले इंटरैक्टिव टूल में है।
JAC Delhi 2025 Round 5 closing rank, General category, top 5 branches
| # | कॉलेज | ब्रांच | दिल्ली रीजन (R5) | आउटसाइड दिल्ली (R5) |
| 1 | NSUT | CSAI (CSE with AI) | 7,946 | 6,050 |
| 2 | IIIT-Delhi | CSE | 10,557 | 7,752 |
| 3 | NSUT | CSE | 10,907 | 6,249 |
| 4 | DTU | CSE | 11,352 | 6,200 |
| 5 | DTU | CSDS (CSE with Data Science) | 12,442 | 6,268 |
ध्यान दें: ये क्लोजिंग रैंक हैं, यानी इस रैंक तक के उम्मीदवारों को सीट मिली। रैंक जितनी कम, ब्रांच उतनी कठिन। कटऑफ हर साल बदलता है।
1. कौन-से कॉलेज आते हैं इसमें?
JAC Delhi के जरिए दिल्ली के इन 5 बड़े संस्थानों में एडमिशन मिलता है:
- DTU (दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी): पुराना नाम 'DCE'। कोर इंजीनियरिंग (मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल) और प्लेसमेंट के लिए देश भर में मशहूर है। बड़ा कैंपस और खुला माहौल इसकी पहचान है।
- NSUT (नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी): पुराना नाम 'NSIT'। कोडिंग कल्चर, CSE, IT और टेक कंपनियों के प्लेसमेंट के लिए पहली पसंद माना जाता है। (इसके तीन कैंपस हैं: मेन द्वारका, ईस्ट और वेस्ट)।
- IIIT-Delhi: रिसर्च, कोडिंग और डेटा साइंस के लिए टॉप लेवल संस्थान। यहाँ पढ़ाई का माहौल काफी संजीदा और प्रोजेक्ट आधारित रहता है।
- IGDTUW: केवल लड़कियों (छात्राओं) के लिए इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी। यहाँ टेक ब्रांचेज के प्लेसमेंट बहुत तगड़े रहते हैं और कट-ऑफ में भी अच्छा फायदा मिलता है।
- DSEU: दिल्ली सरकार की स्किल यूनिवर्सिटी, जहाँ प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड इंजीनियरिंग कोर्स कराए जाते हैं।
2. दिल्ली (85%) बनाम बाहर वाले (15%) का नियम
यहाँ कोटा आपके घर के पते से नहीं, बल्कि 12वीं के स्कूल से तय होता है:
- दिल्ली रीजन (85% सीटें):
- अगर आपने 12वीं की परीक्षा दिल्ली के किसी स्कूल से पास की है, तो आप 'दिल्ली कोटे' में आएंगे।
- चाहे आप रहने वाले कहीं के भी हों, अगर स्कूल दिल्ली में था तो आपको 85% सीटों का सीधा फायदा मिलेगा।
- आउटसाइड दिल्ली (15% सीटें):
- अगर 12वीं का स्कूल दिल्ली से बाहर था (जैसे नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पटना, जयपुर आदि), तो आप 'आउटसाइड दिल्ली' में आएंगे।
- भले ही आपका घर दिल्ली में हो, आपके लिए सिर्फ 15% सीटें ही खुली हैं, इसलिए यहाँ कट-ऑफ काफी ऊपर (टाइट) जाती है।
3. 12वीं में कितने नंबर चाहिए?
JEE Main का पेपर देने के साथ-साथ 12वीं में इतने नंबर होने जरूरी हैं:
DTU, IGDTUW और DSEU
- 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) मिलाकर कम से कम 60% होने चाहिए।
- साथ ही इंग्लिश विषय में पास होना जरूरी है।
NSUT (Netaji Subhas University of Technology)
- PCM का कुल जोड़ कम से कम 60% होना चाहिए।
- 12वीं में इंग्लिश विषय अलग से पास होना अनिवार्य है।
IIIT-Delhi
- कुल मिलाकर 12वीं में न्यूनतम 70% अंक होने चाहिए।
- सिर्फ मैथ्स (Mathematics) में भी अलग से न्यूनतम 70% नंबर होने जरूरी हैं।
- (ओलंपियाड, कोडिंग कम्पटीशन या नेशनल स्पोर्ट्स वालों को यहाँ कुछ बोनस अंक भी मिलते हैं)।
छूट (Relaxation)
आरक्षित श्रेणियों के छात्रों को न्यूनतम अंकों में नियमों के हिसाब से छूट मिलती है:
- OBC-NCL और डिफेंस (CW): 5% की छूट (यानी 55% अंक)।
- SC/ST: 10% से 15% तक की छूट (यानी 50% या 45% अंक)।
- दिव्यांग (PwD): 10% तक की छूट।
4. आरक्षण (Categories) की जरूरी बातें
सीटों का बंटवारा नियमों के अनुसार तय श्रेणियों में होता है:
- SC (15%) और ST (7.5%)।
- OBC (27%): दिल्ली कोटे के छात्रों के पास दिल्ली सरकार द्वारा जारी मान्य OBC-NCL सर्टिफिकेट होना चाहिए और जाति दिल्ली की राज्य सूची में होनी चाहिए।
- EWS (10%): आय प्रमाण पत्र चालू वित्तीय वर्ष का ही होना चाहिए।
- CW (डिफेंस कोटा - 5%): सेना और अर्धसैनिक बलों के आश्रितों के लिए। इसमें Priority I से IX तक प्राथमिकता तय होती है।
- PwD (5%) और कश्मीरी माइग्रेंट के लिए अलग से सीटें होती हैं।
- एकल कन्या संतान (Single Girl Child): DTU जैसे कॉलेजों में हर ब्रांच में सिंगल गर्ल चाइल्ड के लिए अलग से सीटें रहती हैं।
5. काउंसलिंग कैसे चलती है? (स्टेप-बाय-स्टेप)
JEE Main के नतीजे आने के बाद (मई-जून में) यह प्रक्रिया शुरू होती है:
चरण 1: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
आधिकारिक वेबसाइट (jacdelhi.admissions.nic.in) पर जाएं। JEE Main एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि डालकर रजिस्टर करें और अपनी बेसिक जानकारी भरें।
चरण 2: रजिस्ट्रेशन फीस
काउंसलिंग की नॉन-रिफंडेबल फीस ऑनलाइन भरें। इसके बिना आगे चॉइस फिलिंग का मौका नहीं मिलता।
चरण 3: चॉइस फिलिंग (पसंद चुनना)
- कॉलेज और ब्रांच को अपनी पसंद के हिसाब से ऊपर से नीचे के क्रम में सजाएं।
- जो ब्रांच आपको सबसे ज्यादा पसंद हो, उसे सबसे ऊपर रखें।
- आखिरी तारीख से पहले अपनी चॉइस को लॉक करना न भूलें (अगर भूल भी गए तो सिस्टम अपने आप लॉक कर देता है)।
चरण 4: सीट अलॉटमेंट
आपकी रैंक और भरी गई पसंद के हिसाब से कंप्यूटर सीट अलॉट करता है। सामान्य तौर पर 4 से 5 राउंड होते हैं।
चरण 5: सीट एक्सेप्टेंस फीस (SAF)
अगर कोई सीट मिल जाए, तो उसे पक्का रखने के लिए तय फीस (लगभग ₹95,000) ऑनलाइन जमा करनी होती है। अगर तय समय में फीस नहीं भरी, तो सीट हाथ से जाएगी और आप काउंसलिंग से बाहर हो जाएंगे।
चरण 6: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
फीस भरने के बाद अलॉटेड कॉलेज या सेंटर पर जाकर अपने असली कागजात और उनकी फोटोकॉपी दिखानी होती है। कागजात सही मिलने पर प्रोविजनल एडमिशन लेटर मिल जाता है।
चरण 7: Freeze या Float चुनें
- Freeze: जो ब्रांच मिली है उससे आप खुश हैं और आगे कोई बदलाव नहीं चाहते।
- Float: जो सीट मिली है वो तो सुरक्षित रहेगी ही, लेकिन अगर आगे के राउंड में ऊपर की कोई बेहतर ब्रांच खाली हुई तो आप अपग्रेड होना चाहते हैं।
चरण 8: अपग्रेडेशन राउंड
नियमित राउंड खत्म होने के बाद जो बच्चे फीस भरकर सीट ले चुके होते हैं, उनके बीच अंदरूनी खाली सीटों पर अपग्रेडेशन होता है।
चरण 9: स्पॉट राउंड
सारे राउंड खत्म होने के बाद जो सीटें खाली बच जाती हैं, उन्हें भरने के लिए कॉलेज में सीधा स्पॉट राउंड होता है। इसमें मौके पर ही रैंक के हिसाब से बची सीटें बांटी जाती हैं।
6. वेरिफिकेशन के लिए कौन-से कागजात चाहिए?
कॉलेज जाते वक्त इन सभी की ओरिजिनल कॉपी और 2-2 फोटोकॉपी सेट साथ रखें:
- JAC Delhi रजिस्ट्रेशन फॉर्म का प्रिंटआउट।
- सीट अलॉटमेंट लेटर।
- ₹95,000 फीस भरने की रसीद।
- JEE Main का एडमिट कार्ड और स्कोर कार्ड।
- 10वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट (उम्र के सबूत के लिए)।
- 12वीं की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट।
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC/EWS) — OBC और EWS वाले ध्यान रखें कि सर्टिफिकेट उसी साल 1 अप्रैल के बाद का बना होना चाहिए।
- उप-श्रेणी प्रमाण पत्र (CW, PwD, या कश्मीरी माइग्रेंट के लिए संबंधित सर्टिफिकेट)।
- मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट (JAC के फॉर्मेट पर किसी MBBS डॉक्टर से साइन कराया हुआ)।
- फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट) और पासपोर्ट साइज फोटो।
7. कॉलेज का मिजाज और माहौल
| कॉलेज | खासियत और प्रमुख ब्रांचेज | कैंपस और माहौल |
| DTU | मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, CSE, IT, सॉफ्टवेयर | खुला-खुला 164 एकड़ का बड़ा कैंपस, पढ़ाई के साथ फेस्ट्स और स्पोर्ट्स का शानदार माहौल |
| NSUT | CSE, AI, डेटा साइंस, IT, इलेक्ट्रॉनिक्स (ECE) | द्वारका में 145 एकड़ का कैंपस, अनुशासित और टेक प्लेसमेंट के लिए नंबर-1 माहौल |
| IIIT-Delhi | CSE, AI & Data, CS & Math, CS & Design | ओखला में मॉडर्न कैंपस, कोडिंग कल्चर और हाई-टेक रिसर्च लैब्स |
| IGDTUW | CSE, IT, AI & Machine Learning, मैकेनिकल | कश्मीरी गेट पर लड़कियों के लिए सुरक्षित माहौल और मल्टीनेशनल टेक कंपनियों के शानदार प्लेसमेंट |
| DSEU | मेकाट्रॉनिक्स, टूल इंजीनियरिंग, CSE, कोर इंजीनियरिंग | प्रैक्टिकल काम सिखाने पर जोर और इंडस्ट्री से सीधे जुड़े लैब्स |
8. काउंसलिंग के काम आने वाले जरूरी टिप्स
- चॉइस फिलिंग में समझदारी: सिर्फ पिछले साल की कट-ऑफ मत देखिए। वही ब्रांच ऊपर रखें जो आप सच में 4 साल पढ़ना चाहते हैं।
- सर्टिफिकेट की तारीख: OBC और EWS वाले ध्यान दें कि सर्टिफिकेट 1 अप्रैल के बाद का हो। कई बार सर्टिफिकेट खारिज होने पर छात्र को सीधे जनरल में डाल दिया जाता है।
- फ्रीज करने की जल्दबाजी न करें: जब तक अपनी मनपसंद ब्रांच न मिल जाए, तब तक सीट को 'Float' पर ही रखें। आगे के राउंड में ब्रांच अपग्रेड होने का मौका बना रहता है।
- वेबसाइट रोज चेक करें: काउंसलिंग के दौरान कोई भी नया नोटिस या तारीख में बदलाव सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट पर आता है।
डिस्क्लेमर: Daily Spark एक स्वतंत्र शैक्षणिक प्लेटफॉर्म है और JAC Delhi या किसी संस्थान से संबद्ध नहीं है। यह गाइड सिर्फ सामान्य जानकारी और मदद के लिए है; फीस, तारीखें और नियम हर साल बदल सकते हैं। किसी भी फैसले से पहले
jacdelhi.admissions.nic.in पर ऑफिशियल ब्रोशर जरूर चेक करें।