रिज़्यूमे में क्या लिखें और किस पर ज़्यादा ध्यान दें
पहली छँटाई में रिक्रूटर के पास बहुत कम समय होता है। कई अध्ययनों में यह करीब 6 से 8 सेकंड बताया गया है, पर इसे औसत अनुमान ही समझिए, कोई तय नियम नहीं। इसलिए रिज़्यूमे ऐसा हो कि एक नज़र में समझ आ जाए कि आप कौन हैं, क्या कर सकते हैं और उसका सबूत क्या है।
सबसे ऊपर: नाम और संपर्क
नाम बड़ा रखें, उसके नीचे वह रोल जिसके लिए आप अप्लाई कर रहे हैं (जैसे Frontend Developer या Data Analyst Intern), फिर फ़ोन, ईमेल, शहर-राज्य और एक-दो लिंक (LinkedIn, टेक रोल हो तो GitHub)। ईमेल सीधा-सादा हो, जैसे firstname.lastname@gmail.com। घर का पूरा पता, जन्मतिथि, फोटो, Aadhaar या PAN नंबर और वैवाहिक स्थिति न डालें, जब तक कंपनी खुद न माँगे।
समरी: दो-तीन लाइन, बस
इसमें बताइए कि आप क्या हैं, किस चीज़ में अच्छे हैं और क्या ढूँढ रहे हैं। "dynamic organization में challenging role" जैसी लाइनें हर दूसरे रिज़्यूमे में मिलती हैं और कुछ नहीं बतातीं, इसलिए इन्हें हटा दें।
उदाहरण (काल्पनिक): "Final-year CSE student. Built a Django expense tracker used by my hostel floor. Looking for a backend internship."
अनुभव और प्रोजेक्ट: काम नहीं, नतीजा लिखें
सबसे नई चीज़ सबसे ऊपर रखें। हर बिंदु किसी क्रिया से शुरू करें और जहाँ हो सके एक संख्या जोड़ें। एक आसान ढाँचा यह है: क्या हासिल किया, कितना, और कैसे।
"Optimized database queries" की जगह लिखें "Added indexes in PostgreSQL, cutting a slow report query from 8 s to 2 s।" संख्या सच्ची होनी चाहिए, क्योंकि इंटरव्यू में इसी पर सवाल पूछे जाते हैं।
अगर आपके पास नौकरी का अनुभव नहीं है, तो दो-तीन अच्छे प्रोजेक्ट इसकी जगह ले सकते हैं। हर प्रोजेक्ट में लिखें कि वह क्या करता है, आपने कौन सा हिस्सा बनाया, और टेक स्टैक व लिंक।
स्किल्स, पढ़ाई और सर्टिफिकेट
स्किल्स को छोटे समूहों में लिखें (भाषाएँ, फ्रेमवर्क, टूल्स) ताकि नज़र जल्दी पड़े, और वही स्किल लिखें जिस पर आप इंटरव्यू में बात कर सकें। पढ़ाई में डिग्री, कॉलेज और साल लिखें, CGPA अच्छा हो तो ज़रूर दें, कम हो तो पहले उस कंपनी का कटऑफ देख लें। सर्टिफिकेट में वही रखें जो रोल से जुड़ा हो।
वे गलतियाँ जो सबसे ज़्यादा नुकसान करती हैं
- चार-पाँच लाइन के लंबे पैराग्राफ। बिंदुओं में लिखें।
- कोई संख्या या नतीजा न होना, सिर्फ "ज़िम्मेदारी" लिखा होना।
- वर्तनी की गलतियाँ। भेजने से पहले खुद पढ़ें और किसी दोस्त या सीनियर से पढ़वाएँ।
- टूटे या खाली लिंक। भेजने से पहले हर लिंक incognito विंडो में खोलकर देखें।
- 10वीं-12वीं सबसे ऊपर और ताज़ा प्रोजेक्ट या डिग्री नीचे। ताज़ा चीज़ें पहले रखें।
- ज़रूरत से ज़्यादा निजी जानकारी।
डिज़ाइन और ATS: कितनी चिंता करें
ATS मुख्य रूप से आपके रिज़्यूमे का टेक्स्ट पढ़ता है, इसलिए सबसे सुरक्षित है सादा लेआउट: साफ़ हेडिंग, एक कॉलम, और ऐसा PDF जिसमें टेक्स्ट चुना जा सके। फोटो, आइकन और टेबल से बचें। स्किल बार (जैसे Python 80%) का कोई मतलब नहीं होता, क्योंकि 80% किस चीज़ का, यह किसी को पता नहीं। दो कॉलम वाले डिज़ाइन कुछ सिस्टम में गड़बड़ा सकते हैं, इसलिए सख्त ATS पोर्टल पर Classic जैसा एक कॉलम वाला डिज़ाइन चुनें।
लंबाई की बात करें तो फ्रेशर के लिए एक पेज आम चलन है। इससे ज़्यादा तभी रखें जब हर चीज़ काम की हो। फाइल का नाम सीधा रखें, जैसे Rahul_Sharma_Resume.pdf।
हमारी राय: अगर समय कम है तो सिर्फ दो काम करें: हर बिंदु में एक संख्या जोड़ें और भेजने से पहले हर लिंक खोलकर जाँच लें। बाकी सब इसके बाद की बात है।